Skip to main content

Posts

Showing posts from February, 2026

Indian polity MCQ

` 1.The Chief Minister of a Union Territory where such a set up exists, is appointed by the (a)Lt, Governor {b) Majority party in Legislature (c) President (d) Prime Minister Answer: Lt. Governor ,2. Who was the first Prime Minister of India ? (a) Jawaharlal Nehru (b) Mrs. Indira Gandhi (c) Dr. Rajendra Prasad (d) Mahatma Gandhi Answer: Jawaharlal Nehru 3. In case a President dies while in office, the vice President can act as President for  maximum period of (a) 1 years (b) 3 months (c) 6 months (d) 2 years Answer; 6 months 4. The Union Council of Ministers consists of (a) Cabinet Ministers, Minister of State and Deputy Ministers (b) Cabinet Ministers and Chief Ministers of the States (c) Prime Minister (d) Cabinet Ministers Answer: Cabinet Ministers, Minister of State and Deputy Ministers 5. Who administers the oath of office to the Presi$ent of India before he enters upon the office ? (a) Chief Justice I (b) Speaker t (c) Vice President (d) Prime Minister Answer: Chief Justice 6...

भारतीय न्यायपालिका में विविधता की आवश्यकता

 भारतीय न्यायपालिका में विविधता की आवश्यकता उच्च न्यायपालिका में विविधता बहुलतावादी समाजों जैसे भारत में वैधता, निष्पक्षता और प्रभावी न्याय के लिए आवश्यक है। यह समाज की जनसांख्यिकी को प्रतिबिंबित करके जनता का विश्वास बढ़ाती है, विभिन्न जीवन अनुभवों से पक्षपात कम करती है, निर्णय लेने की प्रक्रिया को समृद्ध करती है तथा हाशिए पर पड़े समूहों से संबंधित मुद्दों को बेहतर ढंग से संबोधित करती है। मुख्य तर्क: वैधता और विश्वास — अल्पसंख्यक/हाशिए वाले समूहों को लगता है कि व्यवस्था उनकी वास्तविकताओं को समझती है और निष्पक्ष है। बेहतर निर्णय — विविध दृष्टिकोण पूर्वाग्रहों को चुनौती देते हैं और सामाजिक न्याय के मामलों में अधिक संतुलित फैसले सुनिश्चित करते हैं। पक्षपात में कमी — विभिन्न पृष्ठभूमियाँ प्रमुख कथाओं को संतुलित करती हैं। भारत में स्थिति (2026 तक के आंकड़े): 1 जनवरी 2021 से 30 जनवरी 2026 तक उच्च न्यायालयों में कुल 593 न्यायाधीश नियुक्त किए गए। अनुसूचित जाति (SC): 26 (~4.38%) अनुसूचित जनजाति (ST): 14 (~2.36%) अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): 80 (~13.49%) अल्पसंख्यक: 37 (~6.23%) महिलाएँ: 96 (इस अव...

1857 की क्रांति के परिणाम: एक संक्षिप्त चर्चा

  1857 की क्रांति (प्रथम स्वतंत्रता संग्राम या सिपाही विद्रोह) भले ही सैन्य रूप से असफल रही, लेकिन यह भारतीय इतिहास का निर्णायक मोड़ साबित हुई। इसने ब्रिटिश शासन की नींव हिलाई और भारत के राजनीतिक, सैन्य, सामाजिक तथा आर्थिक ढांचे में गहरे परिवर्तन लाए। इन बदलावों ने लगभग 90 वर्षों (1858 से 1947 तक) तक प्रभाव डाला और आधुनिक भारतीय राष्ट्रीयता की नींव रखी। नीचे प्रमुख परिणामों की संक्षिप्त चर्चा है। 1. राजनीतिक एवं प्रशासनिक परिवर्तन 1857 के विद्रोह ने ईस्ट इंडिया कंपनी की अक्षमता को उजागर किया। ब्रिटेन में भारी आक्रोश के बाद भारत सरकार अधिनियम 1858 पारित हुआ। कंपनी का भारत पर शासन समाप्त। भारत का प्रत्यक्ष शासन ब्रिटिश क्राउन (महारानी विक्टोरिया) के अधीन आ गया। कंपनी के सभी समझौते, संधियाँ और दायित्व ब्रिटिश सरकार ने ग्रहण किए। 1 नवंबर 1858 को महारानी विक्टोरिया की उद्घोषणा जारी हुई, जिसमें भारतीयों को धार्मिक स्वतंत्रता, समान न्याय, नौकरियों में अवसर और रियासतों के साथ संधियों का सम्मान देने का वादा किया गया (हालांकि व्यवहार में यह काफी हद तक औपचारिक रहा)। गवर्नर जनरल का पद समाप्त क...